Psoriasis information in Hindi । सोरायसिस पूरी की जानकारी

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आज कल की भाग दोड़ वाली लाइफ मे कुछ न कुछ बीमारियों का सामना करना ही पड़ता है। जिसमे अपने आप को उन बीमारियों से बचना पड़ता है। आज हम जानेंगे सोरायसिस बीमारी के बारे मे जिसमे हम जानेगे सोरायसिस की सम्पूर्ण जानकारी के बारे जिसमे सोरायसिस क्या है, सोरायसिस कितने प्रकार का होता है, सोरायसिस किस कारण होता है, सोरायसिस के क्या लक्षण होते है। इसके निदान क्या होते है और इस बीमारी मे हमे क्या बचाव करना होता है और इस सोरायसिस का क्या उपचार दिया जाता है। ये सारे पॉइंट्स  इस ब्लॉग Psoriasis information in Hindi मे जानेंगे जो अलग अलग सेक्शन मे लिया गया है।

Psoriasis Introduction in Hindi । सोरायसिस क्या हैं?

सोरायसीस एक स्किन से संबंधित बीमारी है, जो शरीर मे रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी होने कारण होती है। इस बीमारी मे स्किन के ऊपर लाल धब्बे बन जाते है और कुछ दिनों के बाद उन धब्बों से स्किन की पपड़ी निकालने लगती है। और उस स्किन पर मरीज को खुजली चलने लगती है। खुजली के कारण स्किन की पपड़ी छोटे छोटे टुकड़ों मे निकने लगती है। यह बीमारी घुटने, कोहनी, खोपड़ी, और धड़ मे अधिक देखने को मिलती है। सोरायसिस एक येसी बीमारी है, जिसका कोई इलाज उपलब्ध नहीं है।

Psoriasis definition in Hindi । सोरायसिस की परिभाषा :-  

सोरायसिस एक त्वचा का विकार है, जिसमे व्यक्ति की त्वचा की कोशिकाये 10 गुण तेजी से बड़ने लगती है और स्किन लाल, सुखी, और पपड़ीदार हो जाती है और ये बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति मे नहीं फैलती है। और ये बीमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता की कमी होने से होती है।

Types of Psoriasis in Hindiसोरायसिस के प्रकार :-

  1. प्लाक सोरायसिस: इस प्रकार का सोरायसिस बिल्कुल सामान्य होता है, जिसमे व्यक्ति के शरीर पर लाल चकते पड जाते है।
  2. गुट्टेट सोरायसिस: इस प्रकार के सोरायसिस मे स्किन पे लाल लाल धब्बे बन जाते है और यह धड़ और अंगों पर अधिक होता है।
  3. इनवर्स सोरायसिस: इस प्रकार का सोरायसिस मे लाल लाल चकते बन जाते है। जो सिने पे और बगलों मे अधिक होता है।
  4. पुस्टूलर सोरायसिस: यह एक प्रकार के सोरायसिस मे व्यक्ति को त्वचा पर लाल फूँसियो के समान पपड़ी बन जाती है और यह सोरायसिस हाथ और पेरो के तलवों पर अधिक होता है।
  5. एरिथ्रोडर्मिक सोरायसिस:- इस प्रकार का सोरायसिस गंभीर सन बर्न के जैसा दिखाई देता है। जो पूरे शरीर मे होता है, इस सोरायसिस को जल्दी ही उपचार कराने की आवश्यकता होती है।

Psoriasis Causes in Hindiसोरायसिस के कारण :-

अगर हम सोरायसिस के कारण की बात करे तो, इस बीमारी का कोई सही कारण मोजूद नहीं है, लेकिन कुछ येसे कारक है, जो सोरायसिस होने का कारण बनते है। जिनके कारण यह बीमारी होती है। जो निम्न है-

  • इम्यून सिस्टम (Immune system):- सोरायसिस रोग प्रतिधक क्षमता के काम होने से होता है या रोगप्रतिरोधक क्षमता मे कोई गड़बड़ी होने करना होता है। वेसे तो शरीर की रोगप्रतिरोधक हमारे शरीर मे किसी भी बैक्टीरियल इन्फेक्शन और वायरस के इन्फेक्शन से बचता है। मतलब रोगों से लडने का कार्य करता है। परंतु जब रोगप्रतिरोधक तंत्र मे कोई गड़बड़ी होने के कारण विपरीत प्रभाव डालना सुरू कर देता है जिसके कारण शरीर मे अनैक बीमारिया और विकार उत्पन्न होने लगते है और सोरायसिस भी उनमे से एक है। जिसमे शरीर मे अत्यधिक कोशिकाओ का निर्माण होने लगता है। ये कोशिकाए स्किन की ऊपरी सतह पर जमने लगती है और नास्ट हो जाती है। जिससे स्किन की ऊपरी सतह पर उभरे हुए लाल चकते नजर आते है। उन्हे सोरायसिस कहते है।
  • हार्मोनल चेंजस (Hormonal changes):- शरीर मे जब भी हार्मोन मे बदलाव आते है, तो आपको सोरायसिस होने की संभावना हो सकती है। जैसे महिलाओ मे पुबेर्टी या मेनोपौसे के दोरान हार्मोन्स मे बदलाव आते है, तो सोरायसिस होने की संभावना हो सकती है। और इसके अलाव गर्भवती महिलाओ सोरायसिस होने की संभावना हो सकती है।
  • मेडिकेशन ( Medication):– कुछ एसी मेडिकिन के साइड इफेक्टस से भी हो सकता है। हम दवाओ का प्रयोग स्वास्थ्य ठीक करने के लिए करते है, लेकिन हर दवा के कुछ न कुछ साइड इफेक्टस होते है।
  • शराब (alcohol):- सोरायसिस शराब पीने वाले लोगों मे होने की संभावना अधिक होती है।
  • धूम्रपान (Smoking):- सोरायसिस धूम्रपान वाले लोगों मे होने की संभावना अधिक होती है।
  • स्किन इनजूरी (skin injury):- अगर किसी पेसेन्ट को स्किन मे इनजूरी है, तो सोरायसिस होने की संभावना होती है।
  • गर्मी और सर्दी का मोसम (Cold and dry weather):- सोरायसिस होने की संभावना cold और dry मोसम मे ज्यादा होती है।
  • तनाव (Stress):- जो लोग ज्यादा stress मे रहते है, उन्मे होने की अधिक संभावना होती है।
  • सूरज की रोशनी (sun light):- अधिक समय तक धूप मे रहने वाले लोग या धूप मे काम करने वाले लोगों मे सोरायसिस होने की संभावना अधिक होती है। वेसे तो थोड़ी सी धूप स्वास्थ्य के लिय लाभदायक होती है धूप से से शरीर को विटामिन डी प्रपात होता है। लेकिन अधिक समय तक धूप मे रहने से स्किन पर प्रभाव पड़ता है। जिस करना सोरायसिस होने की संभावना हो सकती है।
  • एचआईवी: एचआईवी (HIV):-  से पीड़ित मरीजों में सोरायसिस होने का खतरा अधिक होता है.

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Psoriasis Symptoms in Hindi । सोरायसिस के लक्षण :-

  • पेसेन्ट को स्किन पे लाल गुलाबी चकते बन जाते है।
  • स्किन पे सूजन आ जाती है।
  • स्किन पे जलन होने लगती है।
  • स्किन सुखी सुखी हो जाती है।
  • स्किन से पपड़ी निकालने लगती है।
  • स्किन परतदार दिखने लगती है।
  • दर्द होने लगता है।
  • स्किन पे अधिक खुजली चलती है।
  • ऊपरी त्वचा की कोशिकाए मरने लगती है।
  • स्किन पे दरारे पड़ने लगती है।
  • कभी कभी स्किन से खून भी निकालने लगता है।
  • नाखूनों का रंग बदल सकता है।
  • नाखून उखाड़ने लग जाते है।
  • सिर पर पैच या क्रस्ट बन जाते है।

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Psoriasis Diagnosis in Hindi । सोरायसिस का निदान :-

Physical examination (शारीरिक जांच):-

मरीज के शरीर मे सोरायसिस हुआ है, उसकी जांच करेंगे जिसमे निम्न बिन्दुओ पर बात करेंगे-

  • स्किन का रंग कैसा है, चेक करंगे।
  • स्किन सुखी है या नम है, ये चेक करेंगे।
  • स्किन की से पपड़ी तो नहीं निकल रही है।
  • मरीज की कोहनीयो को चेक करेंगे।

Blood test (रक्त जांच):- मरीज का ब्लड टेस्ट कराएंगे।

Serum test (सीरम की जांच):- मरीज का सीरम टेस्ट कराएंगे।

 Psoriasis Prevention in Hindi । सोरायसिस के बचाव :-

इस सेक्शन मे हम जानेंगे सोरायसिस से कैसे बचा जाए। सोरायसिस से बचाने के लिए कुछ उपाय है, जो आप अपना सकते है, जो आपको इस बीमारी से बचाएंगे जो निम्न है-

  • अत्यधिक शराब का प्रयोग ना करे।
  • अधिक धूम्रपान ना करे।
  • अधिक स्ट्रेस ना रखे।
  • रोजाना मेडिटेसन करे।
  • विषेले तत्वों वाले खाना खाने से बचे।
  • Moisturizer का प्रयोग करे।
  • पर्सोनल हाइजीन मेंटेंट रखे, अपने आप को साफ स्वछ रखे।
  • अधिक देर तक धूप मे रहे धूप से संन बर्न हो सकता है।
  • अधिक समय तक पानी मे ना रहे है।
  • स्किन पर खुआली होने पर ज्यादा खरोंचना स्किन के लिए हानिकर हो सकता है।
  • अपनी दिनचर्या सही बनाए।
  • स्किन से संभानधित कोई भी बीमारी हो डॉक्टरको जरूर से दिखाए।
  • एसी दवाइयों का प्रयोग ना करे जिससे आपको एलर्जी होती है जिससे आपकी तभीयत खराब होती है।

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Psoriasis treatment in Hindi । सोरायसिस के उपचार :-

अगर हम उपचार की बात करे तो डॉक्टर द्वारा कुछ इस तरह ट्रीट्मन्ट दिया जाता है।

  • डॉक्टर steroid creams का प्रयोग करते है।
  • Moisturizers का पयोग करके सुखी स्किन को ठीक किया जा सकता है।
  • Light therapy:- लाइट टेरिपी से त्वचा की कोशिकाओ को अत्याशिक बदने से रोका जा सकता है।
  • एंजाइम इनहिबिटर:- एंजाइम इनहिबिटर दवाओ का प्रयोग डाक्टर इंफलमेंटरी बियमरियों को ठीक करते है। जिसमें सोरायसिस या सोरियाटिक गठिया को ठीक करने मे करते है।
  • आवश्यक दवाइया मरीज की दी जाती है।

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