Black Fungal Infection information in Hindi । Mucormycosis information in Hindi

Spread the love

आज हम जानेंगे Black fungal infection के बारे जो प्रकार का फंगल इन्फेक्शन है, जो की आँख, नाक, मुह, चेहरा, और त्वचा और दिमाग को प्रभावित करता है। हम जानेगे Black fungal infection कितने प्रकार का होता है। ब्लेक फंगल इन्फेक्शन के क्या कारण होते है? ब्लेक फंगल इन्फेक्शन होने पर क्या लक्षण दिखाई देते है? ब्लेक फंगल इन्फेक्शन के बचाव क्या है? ब्लेक फंगल इन्फेक्शन का उपचार क्या होता है?ये सारे प्रश्नों के बारे मे इस ब्लॉग Black fungal infection Full Information in Hindi मे जानेगे जो, नीचे अलग-अलग सेक्शन मे लिखा गया है।

Black fungal infection एक प्रकार का फंगल इन्फेक्शन है, जिसे म्यूकॉर-माइकोसिस (Mucormycosis) कहा जाता है और ब्लेक फंगल इन्फेक्शन को ज़ीगोमाइकोसिस नाम से भी जाना जाता है। ब्लैक फंगल पर्यावरण मे जमीन पर पड़ा कार्बनिक पदार्थ से अपना भोजन लेकर अपना विकाश करता है। कार्बनिक पदार्थ मिट्टी, रेत, खाद, पत्तों मे पाया जाता है।

यह बीमारी उन व्यक्तियों को होती है, जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। क्योंकि हवा मे मोजूद कवक (Fungus) व्यक्ति को प्रभावित करते है। जिस कारण Black fungal infection होता है।

Black fungal infection एक प्रकार का गंभीर बीमारी है, जो बहुत तेजी से शरीर मे फैलता है। जो की आँख, नाक, मुह, चेहरा, और त्वचा और दिमाग को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। जिसमे पेसेन्ट के चेहरे पे सूजन आ जाती है, नाक बंद हो जाती है और आखों मे सूजन आ जाती है। आँखों से पानी बहने लगता है। ये मुख्य लक्षण दिखाई देते है।

अभी कोरोना वायरस के इलाज के दौरान स्टेरॉयड दवाईया जैसे- टोक्सिलिज़ुमाब(Tocilizumab),डेक्सामेथासोन (Dexamethasone)आदि उपयोग मे लाई जा रही है। ये दवाईया शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को नियंत्रित कर के रखती है। लेकिन येसा करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। जिस कारण यह ब्लेक कवक (Black fungus) व्यक्ति को तेजी से गंभीर रूप से प्रभावित कर देता है।

ब्लेक फंगल इन्फेक्शन के प्रकार । Types of Black Fungal Infection in Hindi:-

म्यूकॉरमाइकोसिस के प्रकार । Types of Mucormycosis in Hindi:-

ब्लेक फंगल इन्फेक्शन(म्यूकॉरमाइकोसिस) 5 प्रकार का होता है-

  1. Rhinocerebral Mucormycosis
  2. Pulmonary Mucormycosis
  3. Gastrointestinal mucormycosis
  4. Cutaneous mucormycosis
  5. Disseminated mucormycosis

ब्लेक फंगल इन्फेक्शन के कारण । Causes of black fungus in Hindi:-

म्यूकॉरमाइकोसिस के कारण । Causes of Mucormycosis in Hindi:-

अगर हम Black Fungal Infection (Mucormycosis) के कारण की बात करे तो, ब्लैक फंगल पर्यावरण मे जमीन पर पड़ा कार्बनिक पदार्थ जो सड़ जाता है। और उसमे पनपने वाला fungus जो हवा के माध्यम से व्यक्ति को प्रभावित करता है। जैसे-

  • पत्ते:- पत्तों के सडने के बाद उसमे कवक पनपने लगता है।
  • खाद:- खाद जैसे- कचरे से जैविक खाद बनाई जाती है। उसके ढेर मे ब्लेक फंगस पनपता है।
  • मिट्टी और रेत:- मिट्टी और रेत मे भी यह फंगस होता है।
  • लकड़ी:- लकड़ी के सडने के बाद उसमे भी ब्लेक फंगस विकसित होने लगता है।

ये कुछ इन कारणों से ब्लैक फंगस होता है। जो हवा के माध्यम से व्यक्ति को प्रभावित करता है।

[और पड़े स्किन डिसिज सोरायसिस के बारे मे ]

ब्लेक फंगल इन्फेक्शन के लक्षण । Symptoms of Black Fungal Infection in Hindi:-

Mucormycosis के लक्षण । Symptoms of Mucormycosis in Hindi:-

म्यूकोरमाइकोसिस के लक्षणों की बात करे तो इस प्रकार के होते है।

Rhinocerebral mucormycosis:-

इस प्रकार का इन्फेक्शन साइनस और मस्तिष्क को प्रभावित करता है। जिसके लक्षण निम्न लिखित है।  

  • व्यक्ति को चेहरे पे सूजन आ जाती है।
  • नाक मे या सायनस मे खून का जमाव होने लगता है।
  • व्यक्ति की नाक बंद हो जाती है।
  • व्यक्ति की नाक बंद होने के कारण सांस लेने मे परेसानी होती है।
  • व्यक्ति की नाक से काला द्रव निकालने लगता है।
  • व्यक्ति की नाक मे दर्द होने लगता है।
  • व्यक्ति को दांतों में दर्द महसूस होता है।
  • व्यक्ति के दांत का टूट कर गिरने लगते है।
  • व्यक्ति की नाक के आस पास काले घाव बनाने लगते है। और कुछ ही दिनों मे गंभीर हो जाते है।
  • व्यक्ति की आँखों मे सूजन आ जाती है।
  • आँखों मे दर्द होता है।
  • आँखों से पानी बहने लगता है।
  • व्यक्ति को सिर मे दर्द रहता है।
  • व्यक्ति को बुखार आ जाती है।
  • आँखे लाल हो जाती है।
  • धुंधला दिखाई देने लगता है।

Pulmonary mucormycosis:-

यह इन्फेक्शन लंग्स को प्रभावित करता है। जिसके लक्षण निम्न है-

  • व्यक्ति को खांसी आने लगती है।
  • व्यक्ति को बुखार आ जाती है।
  • सिने मे दर्द होने लगता है।
  • स्वास लेने मे तकलीफ होती है।

Cutaneous mucormycosis:-

यह इन्फेक्शन त्वचा को प्रभावित करता है। जिसके लक्षण निम्न है-

  1. व्यक्ति को दर्द होता है।
  2. व्यक्ति को गर्मी होती है।
  3. व्यक्ति को शरीर मे घाव बन जाते है।
  4. व्यक्ति शरीर मे सूजन आ जाती है।
  5. त्वचा लाल हो जाती है।

Gastrointestinal mucormycosis:-

इस प्रकार का इन्फेक्शन आंतों को प्रभावित करता है। जिसके लक्षण निम्न है-

  • व्यक्ति को पेट में दर्द होता है।
  • व्यक्ति को मतली औरउल्टी होती है।
  • व्यक्ति को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग होने लगती है।

Disseminated mucormycosis:-

इस प्रकार का इन्फेक्शन उन लोगों को प्रभावित करता है। जो लोग पहले से किसी बीमारी से ग्रसित है। और यह Disseminated mucormycosis होने के कारण मानशिक स्थिति मे बदलाव आता है और पेसेन्ट कोमा मे चला जाता है।

[और पड़े स्किन डिसिज कोल्ड सोर्स के बारे मे]

ब्लैक फंगस से बचने के लिए उपाय । Prevention of Black Fungal Infection in Hindi:-

Mucormycosis के बचाव । Prevention of mucormycosis in Hi ndi:-

अगर हम ब्लेक फंगस के बचाव की बात करे तो कुछ उपाय है, जिन्हे अपना कर ब्लेक फंगस से बच जा सकता है। जो निम्न है-

  1. अपने शरीर को साफ स्वछ रखे। अपनी नाक और आँखों को साफ करते रहना चाहिए।
  2. ब्लेक फंगस शुगर वाले पेसेन्ट को हो सकता है। इसलिए आप अपना शुगर लेवल नियंत्रण मे रखे।
  3. एक बार प्रयोग मे लिए ऑक्सीजन की ट्यूब को दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  4. ज्यादा स्टेरॉड दवाओ का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  5. डॉक्टर द्वारा बताए गए सभी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

ब्लैक फंगस के निदान । Diagnosis of Black Fungal infection in Hindi:- 

Mucormycosis के निदान । Diagnosis of Mucormycosis in Hindi:-

  1. शारीरिक जांच(Physical examination):- पेसेन्ट की शरीर जांच करेंगे जिसमे देखेंगे। पेसेन्ट की स्किन, पेसेन्ट की आँखे, पेसेन्ट की नाक आदि।
  2. मेडिकल हिस्ट्री (Medical history):- पेसेन्ट की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री मे बारे मे पता करेंगे।
  3. लेब टेस्ट(Lab Test):- पेसेन्ट का लेब टेस्ट कराएंगे। जिसमे पेसेन्ट का Tissue biopsy, CT Scan, MRI आदि।

ब्लैक फंगस का उपचार । Treatment of Black Fungal infection in Hindi :-

  • Amphotericin B therapy:- amphotericin B दवा का प्रयोग करके Black fungal infection को ठीक किया जाता है।
  • Antifungal medications:- डाक्टर द्वारा antifungal medicine का उपयोग करके पेसेन्ट का उपचार किया जाता है।
  • Surgical therapy:- जिस पार्ट मे इन्फेक्शन हुआ है। surgery द्वारा ठीक किया जाता है।

ब्लैक फंगस की जातिलटाए। Complications of Black Fungal infection in Hindi :-

  • पेसेन्ट को अंधापन हो सकता है।
  • पेसेन्ट को मेनिन्जाइटिस हो सकता है।
  • पेसेन्ट को ब्रैन अबसेस हो सकता है।
  • पेसेन्ट को पल्मोंनरी हेमरेज हो सकता है।
  • गेस्ट्रोइन्टेस्टनल हेमरेज हो सकता है।
  • पेसेन्ट को जीवाणु इन्फेक्शन हो सकता है।

आज हमने जाना Black Fungal Infection के बारे मे और Black Fungal Infection  के प्रकार, कारण, लक्षण, बचाव के उपाय, निदान , उपचार और जातिलताओ के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी के बारे मे जाना । अगर आपको हमारी ये जानकारी अच्छी लगी है या  ये पोस्ट आपको  पसंद आई है , तो आप अपने दोस्तों को जरूर से शेयर करे।


Spread the love

Leave a Comment