Erythromycin in Hindi । एरिथ्रोमाइसिन की जानकारी

आज हम जानेगे Erythromycin एंटीबायोटिक के बारे मे जो की डॉक्टर द्वारा मरीज को पर्ची मे लिखी जाने वाली एक दवा है। जिसका प्रयोग बैक्टीरियल इन्फेक्शन मे किया जाता है और हम जानेगे इस एंटीबायोटिक के उपयोग क्या क्या होते है, इसकी डोज क्या होती है और इस एंटीबायोटिक के साइड इफेक्ट क्या क्या होते है, और इस दवा को लेने के लिए कौन सी सावधानीयो को ध्यान मे रखनी चाहिए ये सभी हम इस ब्लॉग Erythromycin in Hindi मे जानेगे जो नीचे अगल-अलग सेक्शन मे लिखा गया है।

Erythromycin एक मेक्रोलाइड एंटीबायोटिक है, जो की बैक्टीरियल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए प्रयोग मे लाई जाती है और यह बैक्टीरिया के प्रोटीन प्रॉडकसन को कम करके इन्फेक्शन को ठीक करती है

Mode of action of Erythromycin । Erythromycin के बैक्टीरिया के प्रति एक्सन:-

Erythromycin एक बैक्टीरिओस्टेटिक दवा है, जो बैक्टीरिया की प्रोटीन सिन्थेसीस चेन को तोड़ देता है और जिससे बैक्टीरिया की ग्रोथ रुक जाती है और बैक्टीरिया की ग्रोथ रुक जाने से बैक्टीरिया मर जाता है और धीरे धीरे इन्फेक्शन ठीक हो जाता है और इस दवा का प्रभाव दवा लेने के बाद लगभग 3 घंटे के अंदर सुरू हो जाता है और इस दवा का प्रभाव लगभग 5 से 6 घंटे तक रहता है।

Erythromycin के लाभ । Erythromycin Benefits in Hindi :-

Erythromycin को उपयोग करने के तरीके । Erythromycin Uses in Hindi

Erythromycin इन बिमारियों के इलाज में काम आती है –

  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन (Bacterial infection):- जब हमारी बॉडी मे किसी प्रकार का बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो जाता है, तो उस इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • रेसपिरेट्री ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Respiratory tract infection):- अगर किसी पेसेन्ट को रेसपिरेट्री ट्रैक्ट इन्फेक्शन हो गया है, जिसमे स्वास नली का इन्फेक्शन हो गया है या लंग्स का इन्फेक्शन मे इन्फेक्शन हो गया हो, जिसमे पेसेन्ट को निमोनिया हो गया हो या ब्रोंकाइटिस हो गया हो, तो इन सभी कन्डिशन को ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • गले मे संक्रमण (Throat infection):- अगर किसी पेसेन्ट को गले मे इन्फेक्शन हो गया हो जैसे फैरिन्जाइटिस हो गया हो या टॉन्सिलाइटिस हो गया हो जिसमे गले मे परेसनी रहती है, गले मे दर्द रहता है ,गले मे सूजन आ जाता है, तो इन बीमारियों को भी ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग डॉक्टर द्वारा  किया जाता है।
  • डिप्थीरिया (Diphtheria):- अगर किसी पेसेन्ट को डिप्थीरिया नाम की बीमारी हो गई है, जो ज्यादातर 2 साल से लगाकर 10 साल के बच्चों मे होती है। इस बीमारी मे गले मे सूजन आ जाती है, खासी बहुत ज्यादा होती है, और पेसेन्ट को गले मे दर्द होता है, तो इस बीमारी को ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • काली खांसी (Wooping cough):- अगर किसी पेसेन्ट को काली खांसी हो गई है और खासी के साथ तेज आवाज आती है, तो इस स्थिति को भी ठीक करने के लिए डॉक्टर द्वारा इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • स्किन इन्फेक्शन (skin infection) :- अगर किसी पेसेन्ट को स्किन मे इन्फेक्शन हो गया है, जिसमे पेसेन्ट को ऐक्ने हो गए है, या स्किन पे घाव हो गए है, तो इस स्थिति को भी ठीक करने के लिए ये दवा बहुत ही कारगर है।
  • सेक्‍शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually Transmitted Diseases):- अगर किसी पेसेन्ट को सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज हो गई है, जिसमे पेसेन्ट को सिफलिस नाम की बीमारी हो गई है, जिसमे वजाइन, पेनिस, रेक्टम, मुह और स्किन पे अल्सर हो जाते है, और उसमे पस पड जाती है, तो इस बीमारी को ठीक करने के लिए भी इस दवा का प्रयोग डॉक्टर द्वारा किया जाता है।
  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (Pelvic Inflammatory Disease):- अगर किसी पेसेन्ट को पेल्विक से संबधित कोई बीमारी हो गई है, जिसमे महिलाओ मे chlamydia और Gonorrhoea नाम की बीमारी हो गई हो, जिसमे महिला को वजाइनल डिस्चार्ज होने लग जाता है और पेशाब मे जलन होने लगती है, ओवरी, यूट्रस, वजाइना मे इन्फेक्शन हो जाता है, तो इन बीमारियों मे भी इस दवा का प्रयोग डॉक्टर द्वारा किया जाता है।
  • हड्डियों का इन्फेक्शन (Bone infection):- अगर किसी पेसेन्ट को हड्डियों मे इन्फेक्शन हो गया हो, जिसमे हड्डीयो मे दर्द हो रहा हो हड़डीयो मे पस पड़ने लग गई हो, तो उस इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए भी इस दवा का प्रयोग किया जात है।
  • कान इन्फेक्शन (Ear infection):- अगर किसी पेसेन्ट को कान का इन्फेक्शन हो गया है, जिसमे कान मे पस पड गया है, कान मे दर्द हो रहा है, सुनाई देना कम हो गया है, इस कन्डिशन को ठीक करने के लिए भी इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • दांतों मे इन्फेक्शन (Teeth infection):- अगर किसी पेसेन्ट को दांतों का इन्फेक्शन हो गए है, जिसमे दांतों से पस निकाल रहा हो और दांतों मे दर्द रहता हो और मुह से बदबू आती हो, तो इस स्थिति को भी ठीक करने के लिए भी इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • आँख इन्फेक्शन (Eye infection):- अगर किसी मरीज को आँखों मे इन्फेक्शन हो गया है, जिसमे आँखों से डिस्चार्ज निकलता हो, आँखों मे दर्द होता हो, आँखों मे जलन होती हो, तो इस स्थिति को भी ठीक करने के लिए भी इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • गुहेरी (Stye):- अगर किसी मरीज को गुहेरी हो गई है, जो की आँखों की पलकों पे एक छोटी सी फुंसी हो जाती है और ये फुंसी पलकों के अंदर और बाहर दोनों तरफ हो सकती है। जिसमे पलकों पे सूजन आ जाती है और बहुत दर्द होता है, सूजन के कारण आँख बंद हो जाती है, तो एसी स्थिति को ठीक करने के लिए भी इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • लिस्टीरिओसिस (Listeriosis):- लिस्टीरिओसिस एक प्रकार की बीमारी है, जो दूषित खाना खाने से और दूषित पानी पीने से होती है, जिंसमे मरीज को दस्त लग जाती है, उल्टीया होती है, बुखार आ जाती है, चक्कर आती है और भूख नहीं लगती है इस तरह के लक्षण होते है, तो इस बीमारी को ठीक करने के लिए भी डॉक्टर इस दवा का प्रयोग करते है।

और पड़े:-  Clindamycin Antibiotic in Hindi । क्लीनडामाइसिन की जानकारी

Erythromycin की खुराक । Erythromycin Dosage in Hindi :-

Erythromycin के इस्तेमाल करने के तरीके | How to Take Erythromycin in Hindi

अगर हम Erythromycin की डोज की बात करे, तो डिसिज कॉन्डीसन के अनुसार दवा की डोज अलग अलग हो सकती है, ये दवा पेसेन्ट की बॉडी के वैट के अनुसार पेसेन्ट को दी जाती है | इस दवा की नार्मल डोज की बात करे तो 50-40 mg /kg /day दी जाती है, इसका मतलब 1kg वैट पर 40-50mg दवा पूरे दिन मे दी जाती है और इस दवा की डोज को अलग-अलग डोज मे डिवाइड करना होता है इस दवा को अधिकतम 2 ग्राम तक पेसेन्ट को पूरे दिन मे दे सकते है और इससे ज्यादा नहीं दिया जाता है।

Erythromycin की सामग्री । Erythromycin Active Ingredients in Hindi

Erythromycin

Erythromycin के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स । Erythromycin Side Effects in Hindi

अगर हम बात करे Erythromycin एंटीबायोटिक दवा के साइड इफेक्टस की, तो जिस दवा की इफेक्टस होती है, उस दवा की साइड इफेक्टस भी होती और ये साइड इफेक्टस हर किसी को नहीं होती है। जिस व्यक्ति को पर्टिक्युलर मोलिक्यूर से सिन्सिटिविटी होती है। उसे ही साइड इफेक्ट होती है और erythromycin के भी कुछ साइडस देखे गए है, जो रिसर्च के आधार पर निम्न साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं –

  1. किसी किसी पेसेन्ट को मतली और उलटी हो सकती है।
  2. किसी किसी पेसेन्ट को दस्त लग सकती है।
  3. किसी किसी को पेट दर्द हो सकता है।
  4. किसी किसी पेसेन्ट को बेहोशी हो सकती है।
  5. किसी किसी पेसेन्ट को कमजोरी हो सकती है।
  6. किसी किसी पेसेन्ट को स्किन पर रेसेस हो सकते है।
  7. किसी किसी पेसेन्ट को चक्कर आ सकते है।
  8. किसी किसी पेसेन्ट को घबराहट हो सकती है।
  9. किसी किसी पेसेन्ट को बहरापन हो सकता है।
  10. किसी किसी पेसेन्ट को नींद आ सकती है।
  11. किसी किसी पेसेन्ट को पेट मे सूजन आ सकती है।
  12. किसी किसी पेसेन्ट का यूरिन का रंग बदल सकता है।
  13. किसी किसी पेसेन्ट को भूख नहीं लगाना जैसे साइड इफेक्ट हो सकते है।
  14. किसी किसी पेसेन्ट को बुखार आ सकती है।
  15. किसी किसी पेसेन्ट को खुजली हो सकती है।
  16. किसी किसी पेसेन्ट को निर्जलीकरण हो सकता है।
  17. किसी किसी पेसेन्ट को थकान हो सकती है।
  18. किसी किसी पेसेन्ट का BP काम हो सकता है।
  19. किसी किसी पेसेन्ट को जॉइन्ट पेन हो सकता है।

ये कुछ साइड इफेक्ट है, जो पेसेन्ट को हो सकते है और इनके अलावा भी अगर आपको देखने को मिले तो जल्दी से अपने डॉक्टर से संपर्क करे ताकि आपको सही से ट्रीटमेंट दिया जा सके।

और पड़े:-  Ciprofloxacin Antibiotic in Hindi | सिप्रोफ़्लोक्सासीन की जानकारी

Erythromycin लेंने की सावधानीयाँ । Erythromycin Contraindications in Hindi

अगर आप Erythromycin दवा ले रहे है, तो कुछ सावधानीयाँ है, जिनको ध्यान मे रखना बहुत ही आवश्यक है, जो की निम्न प्रकार की है-

  1. डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही ये दवा लेनी चाहिए।
  2. अगर किसी पेसेन्ट को किडनी से संबंधित कोई बीमारी है, तो ये दवा नहीं दे सकते इससे और भी खतरा बड सकता है।
  3. अगर किसी पेसेन्ट को लीवर से संबंधित कोई बीमारी है, तो ये दवा नहीं ले सकते है।
  4. अगर किसी पेसेन्ट को इस दवा से एलर्जी होती है, तो ये दवा ना ले।
  5. अगर किसी पेसेन्ट को आंतों मे सूजन हो, तो उसको ये दवा नहीं दी जाती है।
  6. अगर किसी पेसेन्ट को हार्ट से संबधित बीमारी हो, तो ये दवा नहीं दी जाती है।
  7. अगर किसी पेसेन्ट को मायस्थेनिया ग्रेवीश है ,तो उसको ये दवा नहीं दी जाती है।

और पड़े:- Pefloxacin antibiotic in Hindi | पेफ़्लोक्सासीन की जानकारी

Erythromycin की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां

Erythromycin खुराक छूट गई है तो क्या करे?

अगर कोई खुराक भूल जाने के करने छूट जाती है और फिर बाद मे याद आती है, तो उस खुराक को तुरंत ले लेना चाहिए और ध्यान रहे की अगली खुराक का समय तो नहीं हो गया है अगर अगली खुराक का समय हो गया है, तो वो छटी हुई खुराक को छोड़ देना चाहिए और अपने डॉक्टर की सलाह से खुराक का शिड्यूल फिर से शुरू करे | अपनी खुराक को समय पर लेने के लिए कुछ उपाय अपना सकते है-

  • डॉक्टर द्वारा दी गई खुराक के शिड्यूल को अच्छे से याद कर ले।
  • खुराक के समय का अलार्म लगा सकते है।
  • अपने परिवार की सदस्य याद दिलाने को कह सकते है।
  • खुराक का टाइम टेबल बना कर एक एसी जगह चिपका दे जहा पर वो ज्यादातर नजर मे आता रहे।

और पड़े:- Norfloxacin Antibiotic in Hindi | नोरफ़्लोक्सासिन  की जानकारी

Note:- छूटी हुई खुराक की भरपाई करने के लिए ज्यादा दवाई का सेवन ना करे और अगर खुराक छूट गई है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे |

Erythromycin का संग्रहण कैसे करे?

  • Erythromycin को अधिक गर्मी, अधिक तापमान और सीधी रोशनी से दूर रखे|
  • मेडिसन को फ्रीज़ मे ना रखे अगर Erythromycin के पैकेट के अंदर कोई निर्देश दिया गया है, जैसे दवा को इतने तापमान पर रखे, दवा को फ्रीज़ मे रखे येसे निर्देश हो तो उनका पालन करे|
  • दवा को पालतू जानवरों और बच्चों की पहुच से दूर रखना चाहिए|
  • दवा को नाली या शौचालय मे ना बहाए|
  • दवा को येसे ही किसी जगह पर ना फेंके।

और पड़े:- Chloramphenicol Antibiotic in Hindi । क्लोरैम्फेनिकोल की जानकारी

Erythromycin से सम्बंधित चेतावनी । Erythromycin Related Warnings in Hindi:- 

प्रश्न:- क्या Erythromycin का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?

उत्तर:- गर्भवती महिलाओ पर Erythromycin का कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकीन गर्भवाती महिलाओ को अपने डॉक्टर के निर्देश के अनुसार ही दवा का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न:- क्या Erythromycin का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?

उत्तर:- स्तनपान कराने वाली महिलाएं Erythromycin का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है स्तनपान करने वाली महिलाये इस दवा का सेवन कर सकती है। इस दवा के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले तभी इस दवा का प्रयोग करे।

प्रश्न:- Erythromycin का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है?

उत्तर:- Erythromycin किडनी पर किसी प्रकार का हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है लेकीन इस दवा को लंबे समय तक ना ले और अपने डॉक्टर की सलाह से ही दवा का प्रयोग करे।

प्रश्न:- Erythromycin का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है?

उत्तर:- Erythromycin का दुष्प्रभाव आपके लीवर पर बहुत ही कम पड़ता है लेकीन इस दवा को लंबे समय तक लेने से हानिकारक प्रभाव पड सकते है। इसलिए आप अपने डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं।

प्रश्न:- क्या ह्रदय पर Erythromycin का प्रभाव पड़ता है?

उत्तर:- हार्ट पर Erythromycin का कोई दुसप्रभाव नहीं पड़ता है, इस दवा को लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

और पड़े:- Neomycin Antibiotic in Hindi । नियोमाईसीन जानकारी

Erythromycin के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न । Frequently asked Questions about Erythromycin in Hindi (FAQa)

प्रश्न:- Erythromycin दवा कैसे काम करती है?

उत्तर:- Erythromycin बैक्टीरिया की प्रोटीन सिन्थेसीस चेन को तोड़ देता है और जिससे बैक्टीरिया की ग्रोथ रुक जाती है और बैक्टीरिया की ग्रोथ रुक जाने से बैक्टीरिया मर जाता है| और इन्फेक्शन धीरे धीरे ठीक हो जाता है।

प्रश्न:- Erythromycin का प्रभाव कब सुरू होता है और कब तक रहता है?

उत्तर :- Erythromycin दवा का प्रभाव दवा लेने के बाद लगभग 3 घंटे के अंदर सुरू हो जाता है और इस दवा का प्रभाव लगभग 5 से 6 घंटे तक रहता है।

प्रश्न:- क्या Erythromycin आदत या लत बन सकती है?

उत्तर:- Erythromycin की लत नहीं लगती है, लेकीन इस दवा को लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले ताकि आपको सही निर्देश मिल सके जिससे कोई खतरा न हो।

प्रश्न:- क्या Erythromycin को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है?

उत्तर:- हां, आप Erythromycin को लेने के बाद गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है, लेकीन आपको इस दवा से कोई भी साइड इफेक्ट जैसे थकान, नींद आना, BP कम होना जैसे लक्षण नजर आए तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे ताकि सही ट्रीटमेंट दिया जा सके।

प्रश्न:- जब Erythromycin ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या?

उत्तर:- Erythromycin ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है या नहीं इस बारे मे कोई प्रमाण मोजूद नहीं है, लेकीन शराब पीने के बाद ले ये दवा ले रहे हे तो अपने डॉक्टर की सलाह जरूर से ले।

प्रश्न:- क्या Erythromycin को लेना सुरखित है?

उत्तर:- Erythromycin दवा को लेना सुरक्षित है, लेकीन अपने डॉक्टर की सलाह से ही आप ले सकते है।

प्रश्न:- क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Erythromycin इस्तेमाल की जा सकती है?

उत्तर:- मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Erythromycin कोई काम नहीं करती है| इस दवा का प्रयोग मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं मे नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इस दवा से पेसेन्ट को साइड इफेक्ट भी हो सकते है।

प्रश्न:- क्या Erythromycin को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है?

उत्तर:- Erythromycin को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है? लेकीन इस बारे मे अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते है।

और पड़े:- Metronidazole antibiotic in Hindi | मेट्रोनिडाजोल की जानकारी

और पड़े:- Cefuroxime Antibiotic in Hindi । सेफ़्यूरॉक्सिम की जानकारी

और पड़े:- Cefoperazone Antibiotic in Hindi | सेफ़ोपेराजोन की जानकारी

और पड़े:- Bacampicillin in Hindi | बैकाम्पिसिलिन की जानकारी

और पड़े:- Ampicillin Antibiotic in Hindi | एम्पिसिलिन की जानकारी

Leave a Comment