Clindamycin Antibiotic in Hindi । क्लीनडामाइसिन की जानकारी

Spread the love

आज हम जानेगे Clindamycin एण्टीबायोटिक के बारे मे जो की डॉक्टर द्वारा मरीज को पर्ची मे लिखी जाने वाली एक दवा है। जिसका प्रयोग बैक्टीरियल इन्फेक्शन मे किया जाता है और हम जानेगे इस एंटीबायोटिक के उपयोग क्या क्या होते है, इसकी डोज क्या होती है और इस एंटीबायोटिक के साइड इफेक्ट क्या क्या होते है, और इस दवा को लेने के लिए कौन सी सावधानीयान को ध्यान मे रखनी चाहिए ये सभी हम इस ब्लॉग Clindamycin Antibiotic in Hindi मे जानेगे जो नीचे अगल-अलग सेक्शन मे लिखा गया है।

Clindamycin WHO के द्वारा प्रमाणित दवा है और मोस्ट इफेक्ट है और बहुत ही सैफ दवा है।

Mode of action of Clindamycin antibiotic | Clindamycin antibiotic के बैक्टीरिया के प्रति एक्सन:-

clindamycin Antibiotic बैक्टीरिया के 50s राइबोसोम से जुड़कर बैक्टीरिय के प्रोटीन सिन्थेसीस प्रक्रिया को रोक देती है। जब बैक्टीरिया मे प्रोटीन सिन्थेसीस प्रक्रिया रुक जाती है तो बैक्टीरिया की ग्रोथ रुज जाती है। बैक्टीरिया की ग्रोथ रुक जाने से बैक्टीरिया मार जाता है। इस दवा का प्रभाव लगभग 8 घंटे तक रहता है और दवा लेने के बाद इसका प्रभाव 1 घंटे के बाद देखने को मिल सकता है।

और पड़े:- Ciprofloxacin Antibiotic in Hindi | सिप्रोफ़्लोक्सासीन की जानकारी

Clindamycin Antibiotic के लाभ । Clindamycin Antibiotic Benefits in Hindi:-

Clindamycin Antibiotic को उपयोग करने के तरीके । Clindamycin Antibiotic Uses in Hindi

Clindamycin इन बिमारियों के इलाज में काम आती है –

  1. बैक्टीरियल इन्फेक्शन (Bacterial infection):- जब हमारी बॉडी मे बैक्टीरियल इन्फेक्शन लग जाता है तो उस बैक्टीरियल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  2. दांत संक्रमण (Dental infection):- अगर किसी पेसेन्ट को दांतों मे इन्फेक्शन हो गया हो दांतों से पस आने लग हो गया है दांतों मे सूजन आ गई हो जिसके कारण दांतों मे दर्द हो रहा हो, तो एसी स्थिति को ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग डॉक्टर द्वारा किया जाता है।
  3. रेसपिरेट्री ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Respiratory tract infection):- अगर किसी पेसेन्ट को रेसपिरेट्री ट्रैक्ट मे कोई बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो गया हो जैसे फेफड़ों मे पानी भर गया हो जिसे हम निमोनिया कहते है और ब्रॉनकाइटीस हो गया हो तो एसी कन्डिशन को ठीक करने के लिए ये दवा का प्रयोग किया जाता है।
  4. इंट्रा एब्डोमीनल इन्फेक्शन (Intra abdominal infection):- अगर किसी पेसेन्ट को एबडोमीनल मे इन्फेक्शन हो गया हो तो ये दवा का प्रयोग डॉक्टर द्वारा किया जाता हैं।
  5. पेल्विक अबसेस (Pelvic Abscess):- अगर किसी पेसेन्ट को पेल्विक एरिया मे किसी तरह का इन्फेक्शन हो गया हो, तो उसे भी ठीक करने के लिए ये दवा का प्रयोग किया जाता है।
  6. घाव (Woonds):- अगर किसी पेसेन्ट को घाव है। अगर उसमे पस पड गई हो, तो उसे भी ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  7. त्वचा और कोमल ऊतक संक्रमण (Skin And Soft Tissue Infections) :-अगर किसी पेसेन्ट को स्किन का इन्फेक्शन हो गया है, तो भी ये दवा का प्रयोग किया जाता है।
  8. मुहासे (Pimples):- अगर किसी पेसेन्ट को चेहरे पे कील मुहासे हो गए है तो उसको भी ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है और ये दवा बहुत ही असरकार है
  9. सर्जिकल प्रोसेस (Surgical Process):- इस दवा का प्रयोग सर्जरी के पहले भी दिया जाता है और सर्जरी के बाद भी दिया जाता है।
  10. हड्डियों का इन्फेक्शन (Bone infection):- अगर किसी पेसेन्ट को हड्डीयो मे इन्फेक्शन हो गया हो उस इन्फेक्शन को भी ठीक करने के लिए ये दवा डॉक्टर द्वारा दी जाती है।
  11. ब्रेन अबसेस (Brain Abscess):- अगर किसी पेसेन्ट को ब्रेन मे अबसेस हो गया हो, ब्रेन मे पस पड़ गया हो, तो भी ये दवा डॉक्टर द्वारा दी जातीं है।
  12. ब्लड इन्फेक्शन (Blood infection):- अगर किसी पेसेन्ट को रक्त मे इन्फेक्शन हो गया हो एसी स्थिति को ठीक करने के लिए ये दवा दी जाती है।
  13. मलेरिया (Malaria):- clindamycin दवा का प्रयोग मलेरिया के ट्रीटमेंट मे भी किया जाता है जब किस मरीज को मलेरिया हो जाता हो, तो उसे क्लोरोकून दवा के साथ इस दवा का प्रयोग किया जाता है।

और पड़े:- Chloramphenicol Antibiotic in Hindi । क्लोरैम्फेनिकोल की जानकारी

Clindamycin Antibiotic की खुराक | Clindamycin Antibiotic Dosage in Hindi :-

Clindamycin Antibiotic के इस्तेमाल करने के तरीके | How to Take Clindamycin Antibiotic in Hindi

अगर हम Clindamycin की डोज की बात करे, तो डिसिज कॉन्डीसन के अनुसार दवा की डोज अलग अलग हो सकती है, ये दवा पेसेन्ट की बॉडी के वैट के अनुसार पेसेन्ट को दी जाती है | इस दवा की नार्मल डोज की बात करे तो 8-16mg/kg/day दी जाती है, इसका मतलब 1kg वैट पर 8-16mg दवा पूरे दिन मे दी जाती है और इस दवा की डोज को अलग-अलग डोज मे डिवाइड करना होता है।

और पड़े:- Cefuroxime Antibiotic in Hindi । सेफ़्यूरॉक्सिम की जानकारी

Clindamycin की सामग्री । Clindamycin Active Ingredients in Hindi

Clindamycin

Clindamycin के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स । Clindamycin Side Effects in Hindi

अगर हम बात करे Clindamycin एंटीबायोटिक दवा के साइड इफेक्टस की, तो जिस दवा की इफेक्टस होती है, उस दवा की साइड इफेक्टस भी होती और ये साइड इफेक्टस हर किसी को नहीं होती है। जिस व्यक्ति को पर्टिक्युलर मोलिक्यूर से सिन्सिटिविटी होती है। उसे ही साइड इफेक्ट होती है और Clindamycin के भी कुछ साइडस देखे गए है, जो रिसर्च के आधार पर निम्न साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं –

  1. किसी किसी पेसेन्ट को दस्त लग सकते है।
  2. किसी किसी पेसेन्ट को स्टूल के सतह ब्लड आना ये समस्या हो सकती है।
  3. किसी पेसेन्ट को पेट मे दर्द हो सकता है।
  4. किसी किसी पेसेन्ट को मतली या उलटी हो सकती है।
  5. किसी किसी पेसेन्ट को आँखों तथा स्किन का रन पीला हो सकता है।
  6. किसी किसी पेसेन्ट को मुह के स्वाद मे गड़बड़ी हो सकती है।
  7. किसी किसी पेसेन्ट को योनि मे जलन हो सकती है।
  8. किसी किसी पेसेन्ट को योनि मे सूजन आ सकती है।
  9. किसी किसी पेसन्त को लाल चकत्ते पड़ सकते है।
  10. किसी किसी पेसेन्ट को एरिथमा (चमड़ी पर लाल-लाल दाने) हो सकता है।
  11. किसी किसी पेसेन्ट को एडिमाहो सकता है।
  12. किसी किसी पेसेन्ट को पेट मे कब्ज हो सकता है।
  13. किसी किसी पेसेन्ट को इस दवा से सिर मे दर्द हो सकता है।
  14. किसी किसी पेसेन्ट को इस दवा से चक्कर आ सकती है।
  15. किसी किसी पेसेन्ट को इस दवा से थकान हो सकती है।
  16. किसी किसी पेसेन्ट को बदन दर्द, कमर दर्द हो सकती है।

ये कुछ साइड इफेक्ट है, जो पेसेन्ट को हो सकते है और इनके अलावा भी अगर आपको देखने को मिले तो जल्दी से अपने डॉक्टर से संपर्क करे ताकि आपको सही से ट्रीटमेंट दिया जा सके।

और पड़े:- Cefoperazone Antibiotic in Hindi | सेफ़ोपेराजोन की जानकारी

Clindamycin Antibiotic लेंने की सावधानीयाँ । Clindamycin Antibiotic Contraindications in Hindi

  1. इस दवा को डॉक्टर की सलाह से ही लेनी है और खुद से ये दवा नहीं ले।
  2. अगर किसी पेसेन्ट को लिवर से संबंधित कोई बीमारी है, तो ये दवा नहीं दी जाती है।
  3. ये दवा स्तनपान करा रही महिला को नहीं दी जाती है।
  4. अगर किसी पेसेन्ट को एसिडिटी है, तों ये दवा नहीं दी जाती है।
  5. अगर किसी पेसेन्ट को दमा की सिकायत है, तो ये दवा नहीं दी जाती है।
  6. अगर किसी पेसेन्ट को आंतों मे सूजन है, तो ये दवा नहीं दी जाती है।

Clindamycin Antibiotic की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां

Clindamycin खुराक छूट गई है तो क्या करे?

अगर कोई खुराक भूल जाने के करने छूट जाती है और फिर बाद मे याद आती है, तो उस खुराक को तुरंत ले लेना चाहिए और ध्यान रहे की अगली खुराक का समय तो नहीं हो गया है अगर अगली खुराक का समय हो गया है, तो वो छटी हुई खुराक को छोड़ देना चाहिए और अपने डॉक्टर की सलाह से खुराक का शिड्यूल फिर से शुरू करे। अपनी खुराक को समय पर लेने के लिए कुछ उपाय अपना सकते है-

  • डॉक्टर द्वारा दी गई खुराक के शिड्यूल को अच्छे से याद कर ले।
  • खुराक के समय का अलार्म लगा सकते है।
  • अपने परिवार की सदस्य याद दिलाने को कह सकते है।
  • खुराक का टाइम टेबल बना कर एक एसी जगह चिपका दे जहा पर वो ज्यादातर नजर मे आता रहे।

Note:- छूटी हुई खुराक की भरपाई करने के लिए ज्यादा दवाई का सेवन ना करे और अगर खुराक छूट गई है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे।

Clindamycin का संग्रहण कैसे करे?

  • Clindamycin को अधिक गर्मी, अधिक तापमान और सीधी रोशनी से दूर रखे।
  • मेडिसन को फ्रीज़ मे ना रखे अगर Clindamycin के पैकेट के अंदर कोई निर्देश दिया गया है, जैसे दवा को इतने तापमान पर रखे, दवा को फ्रीज़ मे रखे येसे निर्देश हो तो उनका पालन करे।
  • दवा को पालतू जानवरों और बच्चों की पहुच से दूर रखना चाहिए।
  • दवा को नाली या शौचालय मे ना बहाए।
  • दवा को येसे ही किसी जगह पर ना फेंके।

और पड़े:- Ceftriaxone Antibiotic in Hindi | सेफ्ट्रियक्सोन की जानकारी

Clindamycin से सम्बंधित चेतावनी । Clindamycin Related Warnings in Hindi

प्रश्न:- क्या Clindamycin का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?

उत्तर:- Clindamycin एंटीबायोटिक प्रेग्नेंसी मे दी जा सकती है लेकिन अपने डाक्टर की सलाह के अनुसार ही ले सकते है खुद से कोई दवा नहीं लेनी है नहीं तो आपको दुष्परिणाम हो सकते है।

प्रश्न:- क्या Clindamycin का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?

उत्तर:- जो महिलाएं स्तनपान कराती हैं उनको Clindamycin दवा नहीं दी जाती है क्योंकि इसका दुसप्रभाव ये हो सकता है की दूध के साथ दवा बच्चे के शरीर मे पहुच सकती है और बच्चे को दस्त लग सकती है और अन्य दुसप्रभाव देखने को मिल सकते है इसलिए स्तनपान करा  रही महिला को ये दवा नहीं लेनी चाहिए।

प्रश्न:- क्या Clindamycin का प्रभाव गुर्दे पर होता है?

उत्तर:- Clindamycin का कोई प्रभाव गुर्दों पर नहीं होता है लेकिन इस दवा को लंबे समय तक लेने से गुर्दे खराब भी हो सकते है तो इसलिए ये दवा अपने डॉक्टर  की सलाह के अनुसार ही ले।

प्रश्न:- Clindamycin का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है?

उत्तर:- Clindamycin का प्रभाव लिवर पर नहीं पड़ता हैं लेकीन इस दवा को लंबे समय तक नहीं ले नहीं तो विपरीत प्रभाव देखने को मिल सकते तो इसलिए अपने डॉक्टर  की सलाह के अनुसार ही इस दवा का प्रयोग करे।

प्रश्न:- क्या ह्रदय पर Clindamycin का प्रभाव पड़ता है?

उत्तर:- Clindamycin हृदय के लिए सुरक्षित है।

प्रश्न:- Clindamycin antibiotic का प्रभाव कितनी देर तक रहता है?

उत्तर:- इस दवा का प्रभाव लगभग 8 घंटे तक रहता है।

प्रश्न:- Clindamycin असर कब शुरू होता है?

उत्तर:- इस दवा का प्रभाव लगभग दवा लाने से 1 से 2 अघण्टे बाद आसार सुरू होने लग जाता है।

प्रश्न:- क्या clindamycin की आदत पड़ती है?

उत्तर:- इस दवा की कोई आदत या लत नहीं लगती है एस कोई प्रमाण नहीं है की ये दवा लत बन सके लेकिन अपने डॉक्टर सहल के अनुसार ही ये दवा का प्रयोग करना चाहिए।

प्रश्न:- क्या Clindamycin दवा के साथ शराब का सेवन कर सकते है?

उत्तर:- इस दवा का प्रयोग सरब के साथ नहीं करना चाहिए नहीं तो इसके दुष्परिणाम देखने को मिल सकते है।

प्रश्न:- क्या Clindamycin उपयोग कर वाहन चलाना सुरक्षित है?

उत्तर:- यदि आप क्लींडामाइसिन (Clindamycin) ले रहे हैं, तो ड्राइविंग आमतौर पर सुरक्षित है। चूंकि यह दवा मरीजों की गाड़ी चलाने की क्षमता को प्रभावित नहीं करती है।


Spread the love

Leave a Comment