Talampicillin in Hindi । टेलाम्पिसिलीन की जानकारी

Spread the love

आज हम जानेगे Talampicillin एंटीबायोटिक की बारे मे जो की डॉक्टर द्वारा मरिज को पर्ची मे लिखी जाने वाली एक दवा है, जिसका प्रयोग बैक्टीरियल इन्फेक्शन मे किया जाता है। यह penicillin की फॅमिली की दवा है और और ये दवा ampicillin के जैसा कार्य करती है। ये दवा बैक्टीरिया से लड़ने का काम करती है। आज हम इस दवा के फ़ायदों के बारे मे इस पोस्ट मे बात करेंगे और इस दवा से नुकसान क्या होते है। और इस दवा का उपयोग करते वक्त हमे किन सावधानियों को ध्यान मे रखना होता है।

Talampicillin एक penicillin ग्रुप की दवा है, जो की ये बीटा लेक्टम एंटीबायोटिक है और ये दवा ग्राम पाज़िटिव बैक्टीरिया को मारती है और ये दवा बैक्टीरिओसिडाल प्रवत्ति रखती है, ये दवा बैक्टीरिया के अंदर चलने वाली प्रोटीन सिन्थेसीस प्रक्रिया को रोक देती है। जब बैक्टीरिया मे प्रोटीन सिन्थेसीस प्रक्रिया रुक जाती है, बैक्टीरिया अपना विभाजन नहीं कर पाता है। और बैक्टीरिया अपने आप नष्ट हो जाता है। और बीमारी धीरे – धीरे ठीक हो जाती है। इस तरह Talampicillin दवा अपना कार्य करती है।

Talampicillin के लाभ । Talampicillin Benefits in Hindi :-

Talampicillin को उपयोग करने के तरीके । Talampicillin Uses in Hindi :-

  1. बैक्टीरियल इन्फेक्शन (Bacterial infection):- जब हमारी बॉडी मे कोई बैक्टीरियल इन्फेक्शन लग जाए तो उस बैक्टीरियल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  2. यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Urinary tract infection):- अगर किसी पेसेन्ट को यूरिनरी ट्रैक्ट का इन्फेक्शन हो गया है, जिसमे पेशाब मे जलन होती है, पेशाब मे दर्द होता है, पेशब मे पस आने लगता है, तो एसी स्थिति को ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  3. गोनोरिया (Gonorrhoea):- अगर किसी पेसेन्ट को गोनोरिया हो गया है, जो एक सेक्सउली ट्रासमिटेड डिसिज है और ये बीमारी महिला तथा पुरुष दोनों मे होती है, तो इस बीमारी को ठीक करने के लिए भी इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  4. आंतों का इन्फेक्शन (Intestine infection ):- अगर किसी पेसेन्ट को आंतों का इन्फेक्शन हो गया है, तो उसे भी ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  5. कान इन्फेक्शन (Ear infection):- अगर किसी पेसेन्ट को कान मे किसी तरह का इन्फेक्शन हो गया है, तो उसे ठीक करने के लिए इस दवा का प्रयोग किया जाता है।

और पड़े:- Tocilizumab in Hindi । टोसिलिजुमैब की जानकारी

Talampicillin की सामग्री । Talampicillin Active Ingredients in Hindi:-

Talampicillin

Talampicillin के दुष्प्रभाव, नुकसान और साइड इफेक्ट्स । Talampicillin Side Effects in Hindi :-

अगर हम Talampicillin के नुकसान और दुष्प्रभाव की बात करे, जिस दवा की इफेक्टस होती है, उस दवा की साइड इफेक्टस भी होती है। लेकिन महत्वपूर्ण बात ये है, की ये साइड इफेक्टस हर किसी को नहीं होती है, जिस व्यक्ति को पर्टिक्युलर मोलिक्यूर से सिन्सिटिविटी होती है, उसे ही साइड इफेक्टस  होती है और Talampicillin के भी कुछ साइड इफेक्टस देखे गए है, जो रिसर्च के आधार पे Talampicillin के निम्न साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं –

  1. किसी किसी पेसेन्ट को दस्त लग सकतीं है।
  2. किसी किसी पेसेन्ट को पेट मे मरोड़ हो सकती है।
  3. किसी किसी पेसेन्ट को मतली या उलटी हो सकती है।
  4. किसी किसी पेसेन्ट को एलर्जी हो सकती है।
  5. किसी किसी पेसेन्ट को बदन दर्द हो सकता है।
  6. किसी किसी पेसेन्ट को त्वचा पर लाल चकत्ते हो सकते है।
  7. किसी किसी पेसेन्ट को थकान हो सकती है।
  8. किसी किसी पेसेन्ट को को चक्कर आ सकते है।
  9. किसी किसी पेसेन्ट को मुह मे सूजन आ सकती है।
  10. किसी किसी पेसेन्ट को सिर मे दर्द हो सकता है।
  11. किसी किसी पेसेन्ट को को कमजोरी हो सकती है।
  12. किसी किसी पेसेन्ट को कानों मे अवाज आना जैसे लक्षण हो सकते है।

अगर ये दवा लेने के बाद आपको इनमे से किसी भी दुष्प्रभाव का पता चलता है, कुछ दुष्प्रभाव दुर्लभ, लेकिन गंभीर हो सकते हैं। तो तुरंत ही अपने डॉक्टर से संपर्क करे जिससे आपको सही ट्रीटमेंट दिया जा सके।

और पड़े:- Hydroxychloroquine in Hindi । हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्वीन की जानकारी

Talampicillin लेंने की सावधानीयाँ । Talampicillin Contraindications in Hindi :-

Talampicillin लेने से पहले कुछ सावधानियों को ध्यान मे रखना बहुत जरूरी है, जो निम्नलिखित है –

  1. Talampicillin एंटीबायोटिक के प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले।
  2. अगर किसी पेसेन्ट को दमा की सिकायत है, तो वो ये दवा न ले।
  3. अगर किसी पेसेन्ट को लिवर से संबंधित कोई बीमारी है, तो ये दवा ना ले।
  4. अगर किसी पेसेन्ट को किडनी से संबंधित कोई बीमारी है, तो इस दवा का प्रयोग न करे।
  5. अगर किसी पेसेन्ट को आंतों मे सूजन है, तो ये दवा नहीं ले।
  6. अगर किसी पेसेन्ट को किडनी से संबंधित कोई बीमारी है, तो इस दवा का प्रयोग न करे।
  7. अगर किसी पेसेन्ट को लिवर से संबंधित कोई बीमारी है, तो ये दवा ना ले।
  8. अगर किसी पेसेन्ट को पेट से संबंधित कोई बीमारी है, तो ये दवा का प्रयोग ना करे।

Talampicillin की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां:-

Talampicillin की खुराक छूट गई है, तो क्या करे?

अगर कोई खुराक भूल जाने के करने छूट जाती है और फिर बाद मे याद आती है, तो उस खुराक को तुरंत ले लेना चाहिए और ध्यान रहे की अगली खुराक का समय तो नहीं हो गया है। अगर अगली खुराक का समय हो गया है, तो वो छुटी हुई खुराक को छोड़ देना चाहिए और अपने डॉक्टर की सलाह से खुराक का शिड्यूल फिर से शुरू करे। अपनी खुराक को समय पर लेने के लिए कुछ उपाय अपना सकते है-

  • डॉक्टर द्वारा दी गई खुराक के शिड्यूल को अच्छे से याद कर ले।
  • खुराक के समय का अलार्म लगा सकते है।
  • अपने परिवार की सदस्य याद दिलाने को कह सकते है।
  • खुराक का टाइम टेबल बना कर एक एसी जगह चिपका दे, जहा पर वो ज्यादातर नजर मे आता रहे।

Note:- छूटी हुई खुराक की भरपाई करने के लिए ज्यादा दवाई का सेवन ना करे और अगर खुराक छूट गई है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे।

Talampicillin का संग्रहण कैसे करे?

  • Talampicillin को अधिक गर्मी, अधिक तापमान और सीधी रोशनी से दूर रखे।
  • मेडिसन को फ्रीज़ मे ना रखे अगर Talampicillin के पैकेट के अंदर कोई निर्देश दिया गया है, जैसे दवा को इतने तापमान पर रखे, दवा को फ्रीज़ मे रखे येसे निर्देश हो तो उनका पालन करे।
  • दवा को पालतू जानवरों और बच्चों की पहुच से दूर रखना चाहिए।
  • दवा को नाली या शौचालय मे ना बहाए।
  • दवा को येसे ही किसी जगह पर ना फेंक।

और पड़े:- Dexamethasone in Hindi । डेक्सामेथासोन की जानकारी


Spread the love

Leave a Comment