Azithromycin Antibiotic in Hindi । एजिथ्रोमाइसिन की जानकारी

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आज हम जानेगे Azithromycin Antibiotic के बारे मे जो की डॉक्टर द्वारा मरिज को पर्ची मे लिखी जाने वाली एक दवा है, जिसका प्रयोग बैक्टीरियल इन्फेक्शन मे किया जाता है। और हम जानेगे इस एंटीबायोटिक के उपयोग क्या-क्या होते है, इसकी डोज क्या होती है, और इस एंटीबायोटिक के साइड इफेक्टस क्या-क्या होते है, और इस दवा को लेने के लिए कौन सी सावधानीयो को ध्यान मे रखनी चाहिए, ये सभी हम इस आर्टिकल Azithromycin Antibiotic in Hindi मे जानेगे जो नीचे अगल-अलग सेक्शन मे लिखा गया है।

जब हमारी बॉडी मे किसी प्रकार का इन्फेक्शन लग जाए तो उस बैक्टीरियल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए, उस बैक्टीरिया को मारने ले लिए Azithromycin Antibiotic का प्रयोग किया जाता है। एंटीबायोटिक कई तरह की होती है और वो ग्रुप्स मे डिवाइडेड होती है और Azithromycin एंटीबायोटिक macrolides ग्रुप की एंटीबायोटिक है। Azithromycin एंटीबायोटिक दवा की खोज 1980 मे हुई थी और इस दवा का मिडिसिनल उपयोग 1988 से होता आ रहा है।

WHO के द्वारा ये प्रमाणित दवा है और WHO के अनुसार यह मोस्ट एसेंसियाल दवा है और बहुत ही सैफ दवा है और कहा गया है की ये मोस्ट इफेक्टिव दवा है।

Machenism of Action। Azithromycin Antibiotic का बैक्टीरिया के प्रति एक्शन:-

Azithromycin एंटीबायोटिक एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम माइक्रोलाइड्स है। जो बैक्टीरिया के प्रोटीन सिन्थेसीस प्रक्रिया को रोक देती है। जिससे बैक्टीरिया की ग्रोथ रुक जाती है। बैक्टीरिया मे ग्रोथ रुक जाने से बैक्टीरिया की मृत्यु हो जाती है, और धीरे धीरे इन्फेक्शन ठीक हो जाता है। Azithromycin का असर लगभाग 2 से 3 घंटे के अंदर देखा जा सकता है। और इस एंटीबायोटिक का इफेक्ट लगभग 2 से 4 दिनों तक रहता है।

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Azithromycin Antibiotic के लाभ | Azithromycin Antibiotic Benefits in Hindi:-

Azithromycin Antibiotic को उपयोग करने के तरीके | Azithromycin Antibiotic Uses in Hindi

Azithromycin Antibiotic इन बिमारियों के इलाज में काम आती है-

  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन(Bacterial infection):- ये दवा बैक्टीरियल इन्फेक्शन मे मोस्ट इफएक्टिव होती है। यह दवा कुछ येसे बैक्टीरियल जैसे mycoplasma हो , legionella हो chlamydia हो salmonella हो येसे कई सारे बैक्टीरियल को ये azithromycin दवा खत्म कर देती है।
  • रेसपिरेट्री ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Respiratory tract infection):- जब हमारी बॉडी मे रेसपिरेट्री ट्रैक्ट मे कोई बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो जाए तो ये दवाई डाक्टर द्वारा दी जाती है जिसमे निमोनिया के इलाज मे दी जाती है और COPD मे, लंग्स इन्फेक्शन  , ब्रॉनकाइटीस आदि मे ये दवा दी जाती है।
  • कान इन्फेक्शन (Ear infection):- अगर किसी पेसेन्ट को कान से रेलेटेड कोई इन्फेक्शन लग जाए तो भी ये दवाई दी जाती है, जैसे की ओटीटीस मीडिया आदि।
  • त्वचा और कोमल ऊतक संक्रमण (Skin And Soft Tissue Infections) :- अगर किसी पेसेन्ट को स्किन मे कोई इन्फेक्शन लग गया हो घाव बन गए हो, तो भी ये दवाई दी जाती है।
  • सेक्सअली ट्रानमिटेड डिसिज (Sexually Transmitted Diseases):- अगर कोई जनाइटल एरिया मे इन्फेक्शन हो हो जिसमे पेसेन्ट को गोनोरिया हो गया हो, जिसमे पेनिस से डिस्चार्ज निकलता है। इसके अलावा chlamydia इन्फेक्शन लग जाए जिसमे वजाइना से डिस्चार्ज निकलता है और यूरिन से रेलएडेड प्रॉब्लेम होती है तो भी ये दवाई डॉक्टर दी जाती है।
  • आँख इन्फेक्शन (Eye infection):- अगर किसी पेसेन्ट को आँखों मे किसी तरह का इन्फेक्शन हो गया है तो ये दवा डॉक्टर द्वारा दी जाती है।
  • गले का इन्फेक्शन (Throat infection):- अगर किसी पेसेन्ट को गले मे इन्फेक्शन हो गया है, तो इस दवा का प्रयोग किया जाता है।
  • चहेरे पे सूजन (Swelling on face):- अगर किसी पेसेन्ट को चेहरे पे सूजन आ गई है, तो भी ये दवा दी जाती है।
  • टाइफाइड बुखार (Typhoid fever):- अगर किसी पेसेन्ट को टाइफाइड हो गया हो, तो भी यह दवा दी जाती है।

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Azithromycin Antibiotic की सामग्री | Azithromycin Antibiotic Active Ingredients in Hindi:-

Azithromycin

Azithromycin Antibiotic की खुराक | Azithromycin Antibiotic Dosage in Hindi :-

Azithromycin Antibiotic के इस्तेमाल करने के तरीके | How to Take Azithromycin Antibiotic in Hindi

अगर हम Azithromycin Antibiotic की डोज की बात करे, तो डिसिज कॉन्डीसन के अनुसार दवा की डोज अलग अलग हो सकती है, ये दवा पेसेन्ट की बॉडी के वैट के अनुसार पेसेन्ट को दी जाती है | इस दवा की नार्मल डोज की बात करे तो 10mg /kg /day दी जाती है, इसका मतलब 1kg वैट पर 10mg दवा पूरे दिन मे दी जाती है और इस दवा की डोज को अलग-अलग डोज मे डिवाइड करना होता है।

  • अगर किसी बच्चे का वैट 10kg है, तो उसको ये दवा 100mg/day दी जाती है और ये दवा सिंगसल डोस मे दी जाती है।
  • अगर किसी पेसेन्ट का वैट 20kg तो उसको ये दवा 200mg/day दी जाती है और ये दवा सिंगल डोस मे दी जाती है।
  • अगर किसी का वैट 50kg है तो ये दवा पूरे दिन मे 500mg/day दी जाती है और ये दवा 500mg सिंगल डोस मे भी दे सकते है और इस डोस को 2 भागों मे डिवाइड भी कर सकते है। 250mg सुबह और 250mg शाम को दी जाती है।
  • इस दवा को खाली पेट दोगे तो बहुत ज्यादा ईफेक्टिव होती है। इस दवा या तो खाने से पहले दे सकते हो या फिर खाने के एक घंटे बाद दे सकते हो इससे ज्यादा अच्छा इफेक्ट मिलेगा।

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Azithromycin Antibiotic के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स । Azithromycin Antibiotic Side Effects in Hindi

अगर हम Azithromycin Antibiotic के नुकसान और दुष्प्रभाव की बात करे, जिस दवा की इफेक्टस होती है, उस दवा की साइड इफेक्टस भी होती है लेकिन महत्वपूर्ण बात ये है, की ये साइड इफेक्टस हर किसी को नहीं होती है, जिस व्यक्ति को पर्टिक्युलर मोलिक्यूलर से सिन्सिटिविटी होती है, उसे ही साइड इफेक्टस होती है और Azithromycin Antibiotic के भी कुछ साइड इफेक्टस देखे गए है, जो रिसर्च के आधार पर निम्न साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं –

  1. किस पेसेन्ट को इस दवा से मतली या उलटी हो सकती है।
  2. किसी किस पेसेन्ट को दस्त भी लग सकती है।
  3. किसी पेसेन्ट को पेट मे सूजन भी आ सकती है।
  4. किसी किसी पेसेन्ट को सिर मे दर्द भी हो सकता है।
  5. किस किस पेसेन्ट को पेट दर्द भी हो सकता है।
  6. किसी किस पेसेन्ट को चमड़ी पर लाल-लाल दाने निकाल सकते है।
  7. किसी पेसेन्ट को इस दवा से पेट मे कब्ज भी हो सकती है।
  8. किसी किसी पेसेन्ट को चक्कर आ सकती है।
  9. किसी किसी पेसेन्ट को इंजेक्शन लगने वाली जगह पर एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है।
  10. किसी किसी पेसेन्ट को शरीर पर लाल चकत्ते पद सकते है।
  11. किसी किसी पेसेन्ट को इस दवा से बुखार भी आ सकती है।
  12. किसी कसी पेसेन्ट को सुनने मे दिकत भी हो सकती है।
  13. किसी कसी पेसेन्ट को सांस लेने मे तकलीफ भी हो सकती है।

ये कुछ साइड इफेक्ट है, जो पेसेन्ट को हो सकते है और इनके अलावा भी अगर आपको देखने को मिले तो जल्दी से अपने डॉक्टर से संपर्क करे ताकि आपको सही से ट्रीटमेंट दिया जा सके।

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Azithromycin Antibiotic लेंने की सावधानीयाँ । Azithromycin Antibiotic Contraindications in Hindi

अगर आप Azithromycin Antibiotic दवा ले रहे है, तो कुछ सावधानीयाँ है। जिनको ध्यान मे रखना बहुत ही आवश्यक है, जो की निम्न प्रकार की है-

  1. डॉक्टर के निर्देश अनुसार ही दवाई देना है।
  2. अगर किसी पेसेन्ट को आंतों मे सूजन है, तो ये दवा नहीं दे सकते है।
  3. अगर किसी पेसेन्ट को कैल्शियम की कमी है, तो ये दवा नहीं दे सकते है।
  4. अगर किसी को हार्ट से रेलेटेड कोई डिसिज है, तो ये दवा नहीं दे सकते है।
  5. अगर किसी पेसेन्ट को पोटेशियम की कमी है, तो ये दवा नहीं दे सकते है।
  6. अगर किसी पेसेन्ट को लिवर से रेलेटेड कोई डिसिज है, तो ये दवा नहै दे सकते है।
  7. इनके बाजूद भी आपके डॉक्टर उचित समझे तो आप ये दवा दे सकते है।

Azithromycin Antibiotic की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां

Azithromycin Antibiotic खुराक छूट गई है तो क्या करे?

अगर कोई खुराक भूल जाने के करने छूट जाती है और फिर बाद मे याद आती है, तो उस खुराक को तुरंत ले लेना चाहिए और ध्यान रहे की अगली खुराक का समय तो नहीं हो गया है अगर अगली खुराक का समय हो गया है, तो वो छटी हुई खुराक को छोड़ देना चाहिए और अपने डॉक्टर की सलाह से खुराक का शिड्यूल फिर से शुरू करे | अपनी खुराक को समय पर लेने के लिए कुछ उपाय अपना सकते है-

  • डॉक्टर द्वारा दी गई खुराक के शिड्यूल को अच्छे से याद कर ले।
  • खुराक के समय का अलार्म लगा सकते है।
  • अपने परिवार की सदस्य याद दिलाने को कह सकते है।
  • खुराक का टाइम टेबल बना कर एक एसी जगह चिपका दे जहा पर वो ज्यादातर नजर मे आता रहे।

Note:- छूटी हुई खुराक की भरपाई करने के लिए ज्यादा दवाई का सेवन ना करे और अगर खुराक छूट गई है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करे

Azithromycin Antibiotic का संग्रहण कैसे करे?

  • Azithromycin Antibiotic को अधिक गर्मी, अधिक तापमान और सीधी रोशनी से दूर रखे|
  • मेडिसन को फ्रीज़ मे ना रखे अगर Azithromycin Antibiotic के पैकेट के अंदर कोई निर्देश दिया गया है, जैसे दवा को इतने तापमान पर रखे, दवा को फ्रीज़ मे रखे येसे निर्देश हो तो उनका पालन करे।
  • दवा को पालतू जानवरों और बच्चों की पहुच से दूर रखना चाहिए।
  • दवा को नाली या शौचालय मे ना बहाए।
  • दवा को येसे ही किसी जगह पर ना फेंके।

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