ओट्स (जई) के फायदे, उपयोग और नुकसान । Oats Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

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आज हम जानेंगे औटस के बारे मे, जो एक प्रकार की अनाज की प्रजाति है। औटस बीजों के रूप मे पाया जाता है। और इसे खाया जा सकता है। और औटस की खेती अनैक देशों मे की जाती है। तो आइए जानते है, Kumar medical care के इस पोस्ट मे ओट्स (जई) के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे मे जो नीचे लिखा गया है।

ओट्स क्या है । What is oats in Hindi

औटस एक आनज की प्रजाति है। जो बीजों के रूप मे होती है। औटस का साइंटिफिक नाम ऐवना स्टाइवा है और औटस की कई देशों मे खेती कही जाती है। और कई देशों मे औटस को खाया जाता है। और अधिकतर इसे नास्टे के रूप मे उपयोग किया जाता है। औटस स्वादिस्ट होने के साथ साथ ओट्स में फाइबर, मिनरल और बीटा-ग्लूकॉन के अलाव कई सारे पोषक तत्व पाए जाते है। जो शरीर को अनैक तरह के लाभ पहुचाता है। औटस मे पाया जाने वाला फाइबर जल मे घुलनशील होता है। जो पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है।

एक शोध मे बाते गया है, की औटस मे अनैक तरह के पोषक तत्व पाये जाता है, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते है। अपने नास्ते मे औटस का सेवन करने से शरीर बिल्कुल स्वस्थ और तंदरुस्त रहता है।

ओट्स (Oats) के प्रकार ।  Types Of Oats :-    

अगर हम औटस के प्रकारों की बात करे, तो औटस कई प्रकार के होते है। इन्हे अगल अलग तरह से खाया जाता है। जिनमे औटस के निम्न प्रकार होते है –

  1. Oat flour
  2. Irish Oats 
  3. Oat groats
  4. Instant Oats
  5. Bran Oats
  6. Quick Oats
  7. Rolled Oats

ओट्स (जई) के फायदे । Benefits of Oats

मधुमेह के लिए लाभकारी ।  Beneficial for Diabetes

एक शोध के अनुसार औटस मे बीटा-ग्लूकॉन पाया जाता है। और यह बीटा-ग्लूकॉन शरीर मे ग्लाइसेमिक प्रभाव को कम कर देता है। जिस करना शरीर मे इंसुलिन का प्रभाव बड़ जाता है। शरीर मे इंसुलिन का प्रभाव बड़ने से ब्लड मे शुगर की मात्र संतुलित होने लगती है। ये शरीर मे शुगर की मात्र को संतुलित करने मे मदद करता है। जिन लोगों को मधुमेह की शिकायत है, उन लोगों के लिए औटस बहुत फायदेमंद हो सकता है। इसलिए अपने आहार मे औटस को भी शामिल करना चाहिए।

हड्डियों को मजबूत बनाए । Make Bone Strong    

ओट्स के अंदर सिलकॉन, मैग्निशियम, कैल्शियम, और प्रोटीन प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। जो हड्डियों को मजबूत बनाने मे मदद करते है। आज कल के लोगों मे बड़ती उम्र मे साथ शरीर मे पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। पोषक तत्वों की कमी के कारण हड्डीया कमजोर होने लगती है। हड्डियों मे दर्द, सूजन और अर्थराइटीस जैसे समस्याये होने लगती है। इसलिए हड्डियों को स्वस्थ और मजूबत बनाने के लिए सप्ताह मे 3 से 4 बार औटस का सेवन करना चाहिए।

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ह्रदय को रखे स्वस्थ । Keep Heart Healthy

औटस मे प्रचुर मात्र मे फाइबर पाया जाता है। एक अध्ययन के द्वारा बताया गया है। की औटस मे घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने मे मदद करता है। इसलिए कह सकते है, की औटस ह्रदय की समस्याओ मे राहत दिलाने मे सहायक हो सकता है।

कैंसर के लिए लाभकारी Beneficial for Cancer

औटस  मे एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है। और एक रिसर्च के अनुसार बताया गया है, की औटस मे मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण केन्सर की कोशिकाओ को बड़ने से रोकने मे मदद कर सकता है। इसलिए येसा कहा जा सकता है, की औटस का सेवन करने से केन्सर कोशिकाओ को बड़ने से रोका जा सकता है।

उच्च रक्तचाप के लिए लाभकारी । Beneficial for High Blood Presser

ओट्स का उपयोग उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर करने मे सहायक हो सकता है। क्योंकि इससे जुड़ी एक शोध मे बताया गया है, की औटस मे घुलनशील फाइबर पाया जाता है। जो हार्ट की समस्या मे राहत दिलाने मे मदद कर सकता है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके उच्च रक्तचाप को कम करने मे मदद कर सकता है। इसलिए कहा जा सकता है, की जिन लोगो की उच्च रक्तचाप की समस्या है। उन लोगों को औटस का सेवन करना चाहिए।

वजन घटाने के लिए । Beneficial for Weight loss

औटस का सेवन वजन को कम करने मे भी किया जा सकता है। क्योंकि औटस मे पाया जाने वाला बीटा ग्लूकॉन पाचन क्रिया को ठीक करने मे बहुत मदद करता है। और एक रिसर्च के अनुसार औटस का सेवन वजन को कम करने मे भी किया जा सकता है। इसमे पाया जान वाला बीटा ग्लूकॉन खाने को पचाने मे मदद करता है। और शरीर मे ऊर्जा को बनाए रखता है। इस लिए आप औटस का सेवन करके नियमित व्यायाम करके अपने वजन को कम कर सकते है।

इम्युनिटी बड़ाने के लिए लाभकारी । Beneficial for Increase Immunity

औटस का उपयोग रोग प्रतिरोशक क्षमता को बड़ाने मे भी किया जा सकता है। क्योंकि औटस इसमे पाया जाने वाला बीटा-ग्लूकॉन जो ग्लाइसेमिक प्रभाव को कम करने मे मदद करता है। और श्वेत रक्त कोशिकाओं को बड़वा देने मे बहुत मदद करता है। जो बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से लड़ने का कार्य करती है। इनसे होने वाले इन्फेक्शन से बचाती है। इसलिए कहा जा सकता है, की औटस का उपयोग रोग प्रतिरोशक क्षमता को बड़ाने मे मदद करता है।

कब्ज के लिए लाभकारी । Beneficial  for Constipation

ओट्स का सेवन करना कब्ज की समस्या मे बहुत फायदेंमंद है। क्योंकि औटस मे पाया जाने वाला फाइबर कब्ज की समस्या से निजात दिलाने मे बहुत मदद करता है। इसलिए जिन लोगों को कब्ज की समस्या है, उन लोगों को इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए औटस का सेवन करना चाहिए।

तनाव से राहत । Benefits For Stress Relief

औटस मे विटामिन बी-6 और फोलेट बहुत ही अधिक मात्र मे पाया जाता है, जो ब्रेन मे न्यूरॉनस के विकास करने मे मदद करता है और तनाव को कम करने मे सहायक होता है।

सूखी त्वचा और खुजली का इलाज । Treat dry skin and itching

औटस का उपयोग सूखी त्वचा और खुजली को ठीक करने मे भी किया जा सकता है। क्योंकि एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव पाया जाता है, जो खुजली जैसी समस्या को ठीक करने का कार्य करते है। और स्किन को स्वस्थ बनाता है। और पड़े स्किन डिसिज एक्जिमा की पूरी जानकारी  बारे मे   

निखरी त्वचा के लिए ।  For Spiked Skin

ओट्स में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा मे पाया जाता है। जो त्वचा पर निखार लाने मे बहुत मदद करता है। त्वचा को स्वस्थ और स्मूथ बनाने मे मदद करत है।

बालों का झड़ना रोके । Prevent hair loss

आज कल केमिकल वाले साबुन और सेंपू का उपयोग करने से बालों की समस्याए बाद है। और औटस बालों के झड़ने को रोकने मे भी बहुत मदद करता है। इसमे पाया जाने वाला सिलिकॉन एसिड जो बालों को झड़ने से रोकने मे मदद करता है, और बालों को बड़ने मे सहायक होता है।

रूसी को दूर करने के लिए । to remove dandruff

ओट्स में पाया जाने वाला विटामिन बी-6 जो बालों की समस्या से छुटकारा पाने मे सहायक होता है। यह बालों मे रूसी को दूर करने मे मदद करता है। और बालों की चमक को बरकरार रखने मे मदद करता है।

पाचन क्रिया के लिए लाभकारी । Beneficial for Digestion

आज कल लोगों मे पाचन की समस्या बहुत देखी जा रही है। पाचन की को ठीक करने के लिए हम औसत का उपयोग कर सकता है। क्योंकि औटस मे घुलनशील फाइबर अधिक मात्रा मे पाया जाता है। जो पानी मे घुलकर पाचन क्रिया को ठीक करने मे मदद करता है। जिससे धीमी पड़ी पाचन किया ठीक हो जाती है। और पेट मे कब्ज की शिकायत से राहत दिलाता है।

ऊर्जा बढ़ाने के लिए Increase Energy in body

आज कल की भाग दौड़ मे शरीर मे विटामिन्स, मिनरल, प्रोटीन, की कमी के कारण बॉडी हमेशा मे थकान महसूस होती है। शरीर मे थकान को दूर करने के लिए औटस का उपयोग किया जा सकता है। ओट्स में विटामिन्स, मिनरल, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर पाया जाता है। जो शरीर थकान को काम करता है। और पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखता है।

अच्छी नींद के लिए। Beneficial to sleep well

औटस का सेवन अच्छी नींद के लिए भी लाभदायक होता है। क्योंकि सेरोटोनिन एक प्रकार का केमिकल है। जो मूड को ठीक करने का कार्य करता है। औटस सेरोटोनिन का स्तर संतुलित करने मे मदद करता है। इसके इस गुण के कारण न नहीं आने की समस्या से छुटकारा पाने मे मदद मिलती है।

ओट्स (जई) का उपयोग । How to Use Oats in Hindi

अगर हम औटस के उपयोग की बात करे, तो कुछ इस तरह इनका उपयोग किया जा सकता है।

  • ओट्स को पका कर दूध के साथ मिलकर नाश्ते की तरह खाया जा सकता है।
  • ओट्स का सूप भी बनाया जा सकता है। और इसका सूप की तरह उपयोग किया जाता है।
  • औटस की खिचड़ी भी बनाई जा सकती है। और इसे खाया जा सकता है।
  • औटस को दाल के साथ भी खाया जा सकता है।

ओट्स के नुकसान । Side Effects of Oats in Hindi

अगर हम औटस के नुकसान की बात करे तो जिस चीज के फायदे होते है। उसके कुछ न कुछ नुकसान भी होते है। और एसी बहुत कम चीजे है, जिनसे नुकसान न हो तो आईए जानते है। औटस के नुकसान के बारे मे जो निम्न है-

  • अगर औटस ठीक से पका नहीं है, तो नुकसान कर सकता है। आपको पेट दर्द हो सकता है, आपका पेट खराब हो सकता है।
  • औटस का अधिक सेवन कर लने से आपको दस्त लग सकता है। आपका पेट खराब हो सकता है। और पड़े दस्त के बारे मे 
  • औटस के अधिक सेवन से आपको आंतों और पाचन तंत्र नुकसान हो सकता है। क्योंकि इसमे फाइबर की अधिक मात्रा पाई जाती है।
  • अगर औटस के पैकेट मे प्रिजर्वेटिव्स मिलाया गया है, तो यह आपको नुकसान कर सकता है।

उम्मीद करता हूँ, की हमारी इस पोस्ट मे ओट्स (जई) के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे जानकारी मिल गई होगी। और आपको ये पोस्ट अच्छी लगी होगी। और अगर आपको ये जानकारी पसंद आई है, तो अपने दोस्त को भी शेयर करे। और आपको कोई सवाल है, तो नीचे कमेन्ट मे जरूर से लिखे।


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